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रेखीय, क्षेत्रीय ओर आयतन प्रसार गुणांक क्या है? आभासी प्रसार ओर वास्तविक प्रसार गुणांक क्या है? कैलोरी क्या है?

रेखीय प्रसार गुणांक क्या है? 

"किसी पदार्थ की एकांक लंबाई का ताप 1°c बढ़ाने पर उसकी लंबाई में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का रेखीय प्रसार गुणांक कहते हैं "

रेखीय प्रसार गुणांक = लंबाई में वृद्धि / प्रारंभिक लंबाई × ताप वृद्धि


क्षेत्रीय प्रसार गुणांक क्या है? 

" किसी पदार्थ के एकांक क्षेत्रफल के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके क्षेत्रफल में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का क्षेत्रीय प्रसार गुणांक कहते हैं। "

क्षेत्रीय प्रसार गुणांक = क्षेत्रफल में वृद्धि / प्रारंभिक क्षेत्रफल × ताप वृद्धि


आयतन प्रसार गुणांक क्या है? 

" किसी पदार्थ के एकांक आयतन के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके आयतन में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का आयतन प्रसार गुणांक कहते हैं। "

आयतन प्रसार गुणांक = आयतन में वृद्धि / प्रारंभिक आयतन × ताप वृद्धि


आभासी प्रसार गुणांक क्या है? 

" किसी द्रव के एकांक आयतन के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके आयतन में जो आभासी प्रसार होता है उसे उस द्रव का आभासी प्रसार गुणांक कहते हैं। "

आभासी प्रसार गुणांक = आयतन में आभासी प्रसार  / प्रारंभिक आयतन × ताप वृद्धि

वास्तविक प्रसार गुणांक क्या है?

" किसी द्रव के एकांक आयतन के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके आयतन में जो वास्तविक प्रसार होता है उसे उस द्रव का वास्तविक प्रसार गुणांक कहते हैं। "

वास्तविक प्रसार गुणांक = आयतन में वास्तविक प्रसार / प्रारंभिक आयतन × ताप वृद्धि



कैलोरी क्या है? 

" 1 ग्राम शुद्ध पानी के ताप को 14.5°c से 15.5°c अर्थात 1°c बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को एक कैलोरी कहते हैं। "

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                                R ∝ l/A

                               R=p l /A


( जहां p एक नितांक है इसे चालक का विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं ) 


p =  RA / I


विशिष्ट प्रतिरोध का मात्रक। विशिष्ट प्रतिरोध का SI पद्धति में मात्रक 
यह एक अदिश राशि हैं तथा SI पद्धति में मात्रक ohm × m   (ओम ×मीटर )  होता हैं ।
                        यदि A=1   ओर   l=1 हो तो

p=R

इस प्रकार किसी एकांक लंबाई ओर एकांक अनुप्रस्थ परिक्षेद के क्षेत्रफल के चालक के प्रतिरोध को ही विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। 


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t सेकंड में चालक के अनुप्रस्थ परिछेद
से गुजरने वाले इलेक्ट्रॉनो की संख्या =


यदि प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा e हो तो t समय में प्रवाहित कुल आवेश

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