सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रत्यास्थता क्या है? इसकी सीमा लिखो। प्रत्यास्थ वस्तुएँ क्या है? प्रत्यास्थता गुणांक क्या है? इसका मात्रक। यंग, रुद्धोष्म, समतापी ओर आयतन प्रत्यास्थता गुणांक क्या है?

प्रत्यास्थता क्या है? 

"किसी पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वस्तु किसी विरूपक बल द्वारा होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है तथा बल को हटा लेने पर अपनी पूर्वावस्था में आ जाती है। वस्तु के इस गुण को प्रत्यास्थता कहते हैं। "


प्रत्यास्थ वस्तुएँ क्या है?

" वे वस्तुएँ जिन पर बाह्य विरूपक बल लगाने से विरूपित या विकृति हो जाती है तथा बल हटा लेने पर अपनी पूर्वावस्था में आ जाती है। प्रत्यास्थ वस्तुएं कहलाती है।" 


प्रत्यास्थ वस्तु के उदाहरण। 

चाँदी, तांबा, सोना, इस्पात आदि। 


प्रत्यास्थता की सीमा क्या है?

" विरूपक बल का वह अधिकतम मान जहां तक वस्तु मे प्रत्यास्थता का गुण होता है प्रत्यास्थता की सीमा कहलाती है। "

प्रत्यास्थता गुणांक क्या है?

"प्रत्यास्थता की सीमा के अंतर्गत किसी वस्तु पर लगने वाला प्रतिबल तथा उसमें उत्पन्न विकृति के अनुपात को वस्तु का प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं।" 
                                         इसे E से व्यक्त करते हैं। 

प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक। 

प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक न्यूटन / मीटर² । 

यंग प्रत्यास्थता गुणांक क्या है? 

"प्रत्यास्थता की सीमा के अंतर्गत किसी वस्तु में अनुदैध्य प्रतिबल तथा उत्पन्न विकृति के अनुपात को उस वस्तु की यंग प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं। "

रुद्धोष्म प्रत्यास्थता क्या है? 

"रुद्धोष्म परिवर्तन की अवस्था में किसी गैस की प्रत्यास्थता को रुद्धोष्म प्रत्यास्थता कहते हैं।"


समतापी प्रत्यास्थता क्या है? 

"समतापी परिवर्तन की अवस्था में किसी गैस की प्रत्यास्थता को समतापी प्रत्यास्थता कहते हैं।"

आयतन प्रत्यास्थता गुणांक क्या है? 

"प्रत्यास्थता की सीमा के अंतर्गत किसी वस्तु में उत्पन्न अभीलंब प्रतिबल तथा उसमें उत्पन्न आयतन विकृति के अनुपात को उस वस्तु का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं। "
             इसे k से व्यक्त करते हैं।


अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी ओर आपको एक अच्छी मिली तो आप इसे अन्य लोगों से भी शेयर करे इस पोस्ट facebook, whatsapp, सभी जगह शेयर करे ताकी अन्य लोगों को भी जानकारी मिल सके। अगर आपका कोई प्रश्न है तो कमेन्ट में लिखे। आपको इसी तरह की जानकारी मिलती रहे इसके लिए हमे सबसे ऊपर तीन लाइन दिख रही होगी उस पर क्लिक करने के बाद हमे फॉलो करे। आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद। खूब पड़े खूब बड़े। 

अगर आप जानना चाहते हैं कि स्टडी केसे करे, कोनसी बुक खरीदे पूरी तरह मुफ्त ओर हर परिक्षा के नए - नए अपडेट ओर बहुत सी जानकारी तो आप हमारे facebook page को फॉलो करे। 
हमारे facebook page को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें 👇
             click here


Loading...



Loading...

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

विशिष्ट प्रतिरोध क्या है? विशिष्ट प्रतिरोध का मात्रक ओर विशिष्ट प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक की विस्तृत जानकारी हिंदी में।

विशिष्ट प्रतिरोध क्या है? विशिष्ट प्रतिरोध किसे कहते है?  हम जानते हैं कि किसी चालक का प्रतिरोध R उसकी लंबाई l तथा क्षेत्रफल A पर निर्भर करता है।प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती ओर क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाति होता है।  Rl     ओर    ∝ 1/A

                                R ∝ l/A

                               R=p l /A


( जहां p एक नितांक है इसे चालक का विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं ) 


p =  RA / I


विशिष्ट प्रतिरोध का मात्रक। विशिष्ट प्रतिरोध का SI पद्धति में मात्रक 
यह एक अदिश राशि हैं तथा SI पद्धति में मात्रक ohm × m   (ओम ×मीटर )  होता हैं ।
                        यदि A=1   ओर   l=1 हो तो

p=R

इस प्रकार किसी एकांक लंबाई ओर एकांक अनुप्रस्थ परिक्षेद के क्षेत्रफल के चालक के प्रतिरोध को ही विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। 


ज्ञान योग्य बात 👇 रॉकेट क्या है? इसकी खोज किसने और कब की। रॉकेट कैसे बनता है? केसे उड़ता है? ईंधन, संरचना, भारत के प्रमुख रॉकेट और प्रक्षेपण स्थल। रॉकेट नोदन क्या है?


विशिष्ट प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक की जानकारी नीचे दी गई है। 

विशिष्ट प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक - :

अनुगमन वेग क्या है? अनुगमन वेग की परिभाषा। विद्युत धारा और अनुगमन वेग में संबंध। मुक्त इलेक्ट्रॉन का अनुगमन वेग। विस्तार से वर्णन

अनुगमन वेग क्या है?
अनुगमन वेग - : "किसी चालक मे इलेक्ट्रॉन विद्युत क्षेत्र के प्रभाव में नियत ओसत वेग से गतिमान होते हैं इसी नियत ओसत वेग को अनुगमन वेग कहते है।"

ज्ञान योग्य बात 👇 रॉकेट क्या है? इसकी खोज किसने और कब की। रॉकेट कैसे बनता है? केसे उड़ता है? ईंधन, संरचना, भारत के प्रमुख रॉकेट और प्रक्षेपण स्थल। रॉकेट नोदन क्या है?

विद्युत धारा और अनुगमन वेग में संबंध।विद्युत धारा ओर अनुगमन वेग मे संबंध - : माना किसी चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन की संख्या n, इलेक्ट्रॉन पर आवेश e, क्षेत्रफल A है।

एक सेकंड में चालक के अनुप्रस्थ परिछेद
से गुजरने वाले इलेक्ट्रॉनो की संख्या =

t सेकंड में चालक के अनुप्रस्थ परिछेद
से गुजरने वाले इलेक्ट्रॉनो की संख्या =


यदि प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा e हो तो t समय में प्रवाहित कुल आवेश

अतः विद्युत धारा

अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी ओर आपको एक अच्छी मिली तो आप इसे अन्य लोगों से भी शेयर करे इस पोस्ट facebook, whatsapp, सभी जगह शेयर करे ताकी अन्य लोगों को भी जानकारी मिल सके। अगर आपका कोई प्रश्न है तो कमेन्ट में लिखे। आपको इसी तरह की जानकारी मिलती रहे इसक…

प्रतिरोध क्या है? प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक की पूरी जानकारी SI मात्रक सहित।

प्रतिरोध क्या है? प्रतिरोध किसे कहते हैं? 
प्रतिरोध क्या है - : "जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो चालक विद्युत धारा के मार्ग में रुकावट डालता है। इसे चालक का प्रतिरोध कहते है ।"

ज्ञान योग्य बात 👇 रॉकेट क्या है? इसकी खोज किसने और कब की। रॉकेट कैसे बनता है? केसे उड़ता है? ईंधन, संरचना, भारत के प्रमुख रॉकेट और प्रक्षेपण स्थल। रॉकेट नोदन क्या है?

प्रतिरोध = विभवान्तर /धारा 

"किसी चालक पर आरोपित विभवान्तर ओर उसमें प्रवाहित धारा के अनुपात को चालक का प्रतिरोध कहते है। यह एक अदिश राशि है तथा SI पद्धति में इसका मात्रक ओम (ohm) होता है।"

              1000 (ohm) = 1 k (ohm)

           1000000 (ohm) = 1 m (ohm)

          1 (ohm) ओम = 1 वोल्ट / 1 एम्पीयर

जब किसी चालक के सिरों के बीच 1 वोल्ट का विभवान्तर लगाया जाता है ओर उसमे बहाने वाली धारा का मान 1 एम्पीयर हो तो चालक का प्रतिरोध 1(ohm) होता है।                       


प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक - 
1.लंबाई पर - : लंबे तार का प्रतिरोध अधिक तथा छोटे तार का प्रतिरोध कम होता है। अर्थात किसी चालक का प्रतिरो…