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संधारित्र क्या है? संधारित्र के प्रकार, सिद्धांत ओर उपयोग। संधारित्र की धारिता को प्रभावित करने वाले कारक।

संधारित्र क्या है? संधारित्र का सिद्धांत क्या है? 
"किसी आवेशित चालक के समीप पृथ्वी से संबंधित अन्य चालक को लाने पर आवेशित चालक की विद्युत धारिता बढ़ जाती है। दो चालकों के इस समायोजन को ही संधारित्र कहते हैं। " यही संधारित्र का सिद्धांत है।
इसे हम इस प्रकार से भी कह सकते है।

                                  संधारित्र वह युक्ति है जिसके द्वारा किसी चालक के आकार या आयतन में बिना परिवर्तन किए उसकी विद्युत धारिता बढ़ाई जा सकती है।
संधारित्र में धातु की दो प्लेटें लगी होती है। जिसके बीच के स्थान में कोई कुचालक डाईइलेक्ट्रिक पदार्थ भरा जाता है। संधारित्र की प्लेटों के बीच तभी धारा का प्रवाह होता है जब इसके दोनों प्लेटों के बीच का विभवांतर समय के साथ बदले। यही कारण है कि जब नियत डीसी विभवांतर लगाया जाता है तो स्थाई अवस्था में संधारित्र में कोई धारा नहीं बहती है।

संधारित्र की धारिता को प्रभावित करने वाले कारक। किसी संधारित्र की धारिता निम्न कारकों पर निर्भर करती है -

(1) प्लेटो के क्षेत्रफल पर - : प्लेटो का क्षेत्रफल बढ़ाने पर संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।

(2) प्लेटों के बीच की दू…

आवेश केंद्र क्या है? विद्युत धारिता क्या है? धारिता का मात्रक। परावैद्युत का ध्रुवण क्या है? परावैद्युत के ध्रुवण के प्रकार। ध्रुवीय और अध्रुवीय परावैद्युत के ध्रुवण क्या है? परावैद्युत सामर्थ्य क्या है?

आवेश केंद्र क्या है? "एक ऐसा बिंदु जहां पर समस्त आवेश को केंद्रित माना जा सकता है, आवेश केंद्र कहलाता है। "


अर्थात ऎसा बिन्दु जिस पर संपूर्ण आवेश केंद्रित माना जाता है। आवेश केंद्र कहलाता है।


विद्युत धारिता क्या है? यदि किसी चालक को Q आवेश देने से उसके विभव में V की वृद्धि हो, तो 
Q ∝ V या Q = C. V 
जहां C एक नियतांक है जो चालक की आकृति, क्षेत्रफल और उसके चारों और के माध्यम पर निर्भर करता है। इसे चालक की विद्युत धारिता कहते हैं। 
विद्युत धारिता C = Q / V 



धारिता का मात्रक। धारिता का s.i मात्रक। धारिता का s.i मात्रक फेरड है। ( संकेत F ) 



परावैद्युत का ध्रुवण क्या है?  "परावैद्युत पदार्थ विद्युत उदासीन होते हैं। जब इन्हें विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है तो परावैद्युत पदार्थ के एक पृष्ठ पर ऋणावेश तथा दूसरे सम्मुख पृष्ठ पर धनावेश उत्पन्न हो जाते हैं। इस घटना को परावैद्युत का ध्रुवण कहते हैं। "


परावैद्युत के ध्रुवण के प्रकार।  परावैद्युत के ध्रुवण दो प्रकार के होते हैं।
(1) ध्रुवीय परावैद्युत का ध्रुवण। 
(2) अध्रुवीय परावैद्युत का ध्रुवण। 
ध्रुवीय परावैद्युत का ध्रुवण क्या है?  …

विद्युत विभव का अध्यारोपण सिद्धांत क्या है? विभव को प्रभावित करने वाले कारक। विभव प्रवणता क्या है? समविभव पृष्ठ क्या है? इसके के उदाहरण व गुण। विद्युत ओर विद्युत परिरक्षण क्या है?

विद्युत विभव का अध्यारोपण सिद्धांत क्या है?  "आवेश निकाय के कारण किसी बिंदु पर विभव अलग-अलग आवेशों के कारण उस बिंदु पर उत्पन्न विभव के बीजगणितीय योग के तुल्य होता है। "
                              इस सिद्धांत को विद्युत विभव का अध्यारोपण सिद्धांत कहते हैं।

विभव को प्रभावित करने वाले कारक।   (1) आवेश की मात्रा।  (2) चालक का क्षेत्रफल । (3) आवेशित चालक के समीप अन्य चालक की उपस्थिति।  (4) चालक के परित: माध्यम। 

विभव प्रवणता क्या है?  "विद्युत क्षेत्र में दूरी के साथ विभव परिवर्तन की दर को विभव प्रवणता कहते हैं। "

अर्थात् विद्युत क्षेत्र में जब दूरी ओर विभव में परिवर्तन होगा तब उन दोनों के परिवर्तन की दर को विभव प्रवणता कहते हैं। 
समविभव पृष्ठ क्या है? "वह पृष्ठ जिसके प्रत्येक बिंदु पर विभव समान होता है , समविभव पृष्ठ कहलाता है। "
समविभव पृष्ठ के एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक एकांक धनावेश को ले जाने में किया गया कार्य शुन्य होता है। 
समविभव पृष्ठ के उदाहरण।  (1) एकसमान क्षेत्र में समविभव समतल पृष्ठ। 
(2) सजातीय आवेश के समविभव पृष्ठ।
(3) वैद्युत द्विध्रुव के समविभव …

विभव क्या है? विभव का मात्रक ओर प्रकार। धनात्मक, ऋणात्मक विभव क्या है? विभवांतर क्या है? पृथ्वी का विभव कितना होता है।

विभव क्या है?  "एकांक धनावेश को अनंत से विद्युत क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में जितना कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिंदु का विभव कहते हैं।" विभव एक अदिश राशि है। 

विभव का मात्रक।  s.i पद्धति में विभव का मात्रक वोल्ट है। 

विभव के प्रकार।  विभव मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं -  (1) धनात्मक विभव। (2) ऋणात्मक विभव। 
धनात्मक विभव क्या है?  "एकांक धनावेश को अनंत से विद्युत क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में विद्युत बल के विरुद्ध जो कार्य करना पड़ता है धनात्मक विभव कहलाता है। "



ऋणात्मक विभव क्या है?  "एकांक धनावेश को अनंत से विद्युत क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में विद्युत बल द्वारा जो कार्य किया जाता है, उसे बिंदु का ऋणात्मक विभव कहते है। "


विभवांतर क्या है? "विद्युत क्षेत्र में एकांक धनावेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे उन दोनों बिंदुओं के बीच का विभवांतर कहते हैं।" 


पृथ्वी का विभव कितना होता है। पृथ्वी का विभव शुन्य होता है।

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जल तुल्यांक क्या है? न्यूटन का शीतलन नियम क्या है? ताप प्रवणता क्या है? कृष्णिका क्या है? परिवर्ती दशा क्या है? स्थायी दशा क्या है? चालन, संवहन और विकिरण क्या है?

जल तुल्यांक क्या है?  "किसी वस्तु का जल तुल्यांक जल की वह मात्रा है जिसके ताप को 1°c बढ़ाने के लिए उतनी ही ऊष्मा  की आवश्यकता होती है जितनी की वस्तु के ताप को 1°c बढ़ाने के लिए आवश्यक है। "

न्यूटन का शीतलन नियम क्या है?  " यदि किसी वस्तु के ताप व उसके चारों ओर के वातावरण के ताप में अधिक अंतर ना हो तो वस्तु के शीतलन की दर वस्तु के मध्यमान ताप और वातावरण के ताप के अंतर के अनुक्रमानुपाती होती है। "                          यही न्यूटन का शीतलन नियम है। 

ताप प्रवणता क्या है?  " दूरी के सापेक्ष ताप परिवर्तन की दर को ताप प्रवणता कहते हैं।" 

कृष्णिका क्या है?  "वह पदार्थ जो उस पर आपतित समस्त ऊष्मा विकिरण का अवशोषण कर लेते है तथा जब उन्हें उपयुक्त ताप पर गर्म करने पर सभी तरंग दैर्ध्य के विकिरण उत्सर्जित करते हैं कृष्णिका कहलाते हैं।" 

परिवर्ती दशा क्या है?  "जब सुचालक छड़ के एक सिरे को गर्म किया जाता है तो प्रत्येक भाग का ताप धीरे-धीरे बढ़ने लगता है इस दशा को परिवर्ती दशा कहते हैं।" 

स्थायी दशा क्या है?   "जब सुचालक छड़ के एक सिरे को गर्म किया …

विशिष्ट ऊष्मा क्या है? इसका का s.i मात्रक। ऊष्मा धारिता क्या है? इसका s.i मात्रक। गुप्त ऊष्मा क्या है? ऊष्मीय प्रतिरोध क्या है? ऊष्मीय विसरणशीलता क्या है?

विशिष्ट ऊष्मा क्या है? "किसी वस्तु के एकांक द्रव्यमान के ताप को 1°c या 1k  बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस वस्तु के पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा कहते हैं। "
विशिष्ट ऊष्मा का s.i मात्रक। 


आण्विक विशिष्ट ऊष्मा या मोलर विशिष्ट ऊष्मा क्या है? " किसी वस्तु के एक मोल के ताप को 1°c या 1k बढाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस वस्तु के पदार्थ आण्विक विशिष्ट ऊष्मा या मोलर विशिष्ट ऊष्मा कहते हैं। "


ऊष्मा धारिता क्या है?  " किसी वस्तु के ताप को 1°c बढाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस वस्तु की ऊष्मा धारिता कहते हैं। "

ऊष्मा धारिता का s.i मात्रक।  ऊष्मा धारिता का s.i मात्रक जूल / केल्विन है। 
गुप्त ऊष्मा क्या है?  " नियत ताप पर किसी पदार्थ के एकांक द्रव्यमान की अवस्था में परिवर्तन करने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की गुप्त ऊष्मा कहते हैं। "

ऊष्मीय प्रतिरोध क्या है?  "किसी छड़ के सिरे के बीच तापांतर और उसमें उष्मा प्रवाह की दर के अनुपात को उस छड़ का ऊष्मीय प्रतिरोध कहते हैं।" 

ऊष्मीय विसरणशीलता क्या है?  "पदार्थ की ऊष्मा चा…

रेखीय, क्षेत्रीय ओर आयतन प्रसार गुणांक क्या है? आभासी प्रसार ओर वास्तविक प्रसार गुणांक क्या है? कैलोरी क्या है?

रेखीय प्रसार गुणांक क्या है?  "किसी पदार्थ की एकांक लंबाई का ताप 1°c बढ़ाने पर उसकी लंबाई में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का रेखीय प्रसार गुणांक कहते हैं "

रेखीय प्रसार गुणांक = लंबाई में वृद्धि / प्रारंभिक लंबाई × ताप वृद्धि


क्षेत्रीय प्रसार गुणांक क्या है?  " किसी पदार्थ के एकांक क्षेत्रफल के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके क्षेत्रफल में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का क्षेत्रीय प्रसार गुणांक कहते हैं। "
क्षेत्रीय प्रसार गुणांक = क्षेत्रफल में वृद्धि / प्रारंभिक क्षेत्रफल × ताप वृद्धि

आयतन प्रसार गुणांक क्या है?  " किसी पदार्थ के एकांक आयतन के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके आयतन में जो वृद्धि होती है उसे उस पदार्थ का आयतन प्रसार गुणांक कहते हैं। "
आयतन प्रसार गुणांक = आयतन में वृद्धि / प्रारंभिक आयतन × ताप वृद्धि

आभासी प्रसार गुणांक क्या है?  " किसी द्रव के एकांक आयतन के ताप को 1°c बढ़ाने पर उसके आयतन में जो आभासी प्रसार होता है उसे उस द्रव का आभासी प्रसार गुणांक कहते हैं। "
आभासी प्रसार गुणांक = आयतन में आभासी प्रसार  / प्रारंभिक आयतन × ताप वृद्धि
वास्तव…

बरनौली प्रमेय क्या है? वेंचुरीमीटर क्या है? स्टॉक का नियम, रेनाॅल्ड संख्या ओर दाब ऊर्जा क्या है? सीमांत वेग या अन्त्य वेग क्या है?

बरनौली प्रमेय क्या है?  "जब कोई असम्पीड्य और अश्यान द्रव्य अर्थात आदर्श द्रव किसी नली में धारारेखीय प्रवाह में बहता है तो इसके मार्ग के प्रत्येक बिंदु पर उसके एकांक आयतन या एकांक द्रव्यमान की कुल ऊर्जा नियत रहती है।"                                       इसे बरनौली का प्रमेय कहते हैं।

वेंचुरीमीटर क्या है?   " यह बरनौली प्रमेय पर आधारित है जिसकी सहायता से किसी नली में बहने वाले पानी की दर ज्ञात की जा सकती है।"  इसे वेंचुरीमीटर कहते हैं। 
स्टॉक का नियम क्या है?  "जब कोई गोलाकार वस्तु अनंत विस्तार वाले किसी समांगी तरल में गिरती है तो वस्तु की गति के विपरीत लगने वाला श्यानबल F = 6πnrV होता है।" 
                                       यहि स्टाॅक का नियम है। 

रेनाॅल्ड संख्या क्या है?  "  प्रति एकांक क्षेत्रफल जड़त्वीय बल और प्रति एकांक क्षेत्रफल श्यान बल के अनुपात को उस तरल की रेनॉल्ड संख्या कहते हैं। "

सीमांत वेग या अन्त्य वेग क्या है? "जब कोई वस्तु किसी श्यान तरल में गिरती है, तो प्रारंभ में उसका वेग क्रमशः बढ़ता जाता है किंतु कुछ समय पश्चात वह नियत…

तरल दाब क्या है? तरल दाब का मात्रक। घनत्व क्या है? आपेक्षित घनत्व क्या है? पास्कल का नियम क्या है? बहि: स्त्राव वेग क्या है? आर्किमिडीज का सिद्धांत क्या है? बरनौली की प्रमेय क्या है?

तरल दाब क्या है? "तरल द्वारा किसी तल के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले लंबवत बल को तरल दाब कहते हैं। "
              तरल दाब  =  बल / क्षैत्रफल
                        p = F / A


तरल दाब का मात्रक।  तरल दाब का मात्रक पास्कल है। 

घनत्व क्या है?  " एकांक आयतन के द्रव्यमान को उस पदार्थ का घनत्व कहते हैं।"

                   घनत्व  = द्रव्यमान / आयतन



आपेक्षित घनत्व क्या है?  "पदार्थ के घनत्व तथा 4°c पर जल के घनत्व के अनुपात को अपेक्षित घनत्व कहते हैं।"

अपेक्षित घनत्व = पदार्थ का घनत्व / 4°c पर जल का घनत्व 

पास्कल का नियम क्या है?  "यदि कोई तरल विराम स्थिति में है तो उस तरल के प्रत्येक बिंदु पर दाब समान होता है। यदि गुरुत्व की उपेक्षा की जा सके। इस नियम को पास्कल का नियम कहते हैं।"
बहि: स्त्राव वेग क्या है?  "टंकी में बने छिद्र से जिस वेग से द्रव बाहर निकलता है उसे उस टंकी का बहि: स्त्राव वेग कहते हैं। "

आर्किमिडीज का सिद्धांत क्या है?  "जब किसी ठोस को किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है तो ठोस के भार में कमी आ जाती है यह कमी ठो…

विकृति क्या है? इसके प्रकार। अनुदैर्ध्य, आयतन ओर अपरूपण विकृति क्या है? हुक का नियम और पायसन निष्पत्ति क्या है? दृढ़ता गुणांक क्या है? दृढ़ता गुणांक का मात्रक। सम्पीड्यता क्या है?

विकृति क्या है?  "वस्तु के आकार में परिवर्तन तथा प्रारंभिक आकार के अनुपात को विकृति कहते हैं। "
विकृति = आकार में परिवर्तन /  प्रारंभिक आकर 

विकृति के प्रकार। विकृति तीन प्रकार की होती है -: (1) अनुदैर्ध्य विकृति।
(2) आयतन विकृति।
(3) अपरूपण विकृति।
अनुदैर्ध्य विकृति क्या है? "विरूपक बल के कारण किसी वस्तु के लंबाई में परिवर्तन तथा प्रारंभिक लंबाई के अनुपात को अनुदैर्ध्य विकृति कहते हैं। "
आयतन विकृति क्या है?  "विरूपक बल के कारण वस्तु के एकांक आयतन में होने वाले परिवर्तन को आयतन विकृति कहते हैं।" 

अपरुपण विकृति क्या है?  " जब किसी वस्तु पर उसकी सतह के समांतर विरूपक बल इस प्रकार लगाया जाता है कि, उसका आयतन स्थिर रहे किंतु उसकी आकृति में परिवर्तन हो जाए तो इस प्रकार की वस्तु में उत्पन्न विकृति को अपरुपण विकृति कहते हैं।"

हुक का नियम क्या है?  " प्रत्यास्थता की सीमा के अंतर्गत किसी वस्तु पर लगने वाला प्रतिबल उसमें उत्पन्न विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है तो इस नियम को हुक का नियम कहते हैं।" 
                    प्रतिबल ∝ विकृति। 


पायसन निष्पत्ति…

सुघट्य या प्लास्टिक वस्तुएँ क्या है? उदाहरण। भंगुर वस्तुएं क्या है? प्रतिबल क्या है? इसका मात्रक। प्रतिबल के प्रकार। स्पर्शीय, अभिलंब या अनुदैध्य प्रतिबल क्या है?

सुघट्य या प्लास्टिक वस्तुएँ क्या है?  "वे वस्तुएँ जो बाह्य विरुपक बल आरोपित करने पर स्थायी रूप से विकृत हो जाती है तथा बल को हटा लेने पर अपनी पूर्वावस्था में नहीं आ पाती, सुघट्य या प्लास्टिक वस्तुएँ कहलाती है। "
सुघट्य या प्लास्टिक वस्तु के उदाहरण।  साबुन, मॉम, गिली मिट्टी आदि प्लास्टिक वस्तुएं। 
भंगुर वस्तुएं क्या है?  " वे वस्तुएँ जो बाह्य विरूपक बल लगाने से टूट जाती है भंगुर वस्तुएं कहलाती है।"
भंगुर वस्तु के उदाहरण।  काॅच का टुकड़ा, मिट्टी का ढेला आदि भंगुर वस्तुएं। 
प्रतिबल क्या है?  "किसी वस्तु के अनुप्रस्थ काट के एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले प्रत्यानयन बल को प्रतिबल कहते हैं।" 
प्रतिबल का मात्रक। प्रतिबल का मात्रक न्यूटन / मीटर ² है। 

प्रतिबल के प्रकार। प्रतिबल दो प्रकार के होते हैं - :
(1) अभिलंब प्रतिबल या अनुदैध्य प्रतिबल।  (2) स्पर्शीय प्रतिबल। अभिलंब प्रतिबल या अनुदैध्य प्रतिबल क्या है?  "जब किसी वस्तु पर लगने वाला प्रतिबल या उसका अवयव वस्तु के अनुप्रस्थ काट के लंबवत कार्य करता है। तो इस प्रकार के प्रतिबल को अभिलंब प्रतिबल या अनुदैर्ध्य प्रतिबल कह…

प्रत्यास्थता क्या है? इसकी सीमा लिखो। प्रत्यास्थ वस्तुएँ क्या है? प्रत्यास्थता गुणांक क्या है? इसका मात्रक। यंग, रुद्धोष्म, समतापी ओर आयतन प्रत्यास्थता गुणांक क्या है?

प्रत्यास्थता क्या है?  "किसी पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वस्तु किसी विरूपक बल द्वारा होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है तथा बल को हटा लेने पर अपनी पूर्वावस्था में आ जाती है। वस्तु के इस गुण को प्रत्यास्थता कहते हैं। "

प्रत्यास्थ वस्तुएँ क्या है? " वे वस्तुएँ जिन पर बाह्य विरूपक बल लगाने से विरूपित या विकृति हो जाती है तथा बल हटा लेने पर अपनी पूर्वावस्था में आ जाती है। प्रत्यास्थ वस्तुएं कहलाती है।" 

प्रत्यास्थ वस्तु के उदाहरण।  चाँदी, तांबा, सोना, इस्पात आदि। 

प्रत्यास्थता की सीमा क्या है? " विरूपक बल का वह अधिकतम मान जहां तक वस्तु मे प्रत्यास्थता का गुण होता है प्रत्यास्थता की सीमा कहलाती है। "
प्रत्यास्थता गुणांक क्या है? "प्रत्यास्थता की सीमा के अंतर्गत किसी वस्तु पर लगने वाला प्रतिबल तथा उसमें उत्पन्न विकृति के अनुपात को वस्तु का प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं।"                                           इसे E से व्यक्त करते हैं। 
प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक।  प्रत्यास्थता गुणांक का मात्रक न्यूटन / मीटर² । 
यंग प्रत्यास्थता गुणांक क्या है?  "प…

गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा क्या है? पलायन वेग क्या है? कक्षिय चाल क्या है? उपग्रह की बंधन ऊर्जा क्या है? तुल्यकाली या भूस्थायी उपग्रह क्या है तथा इसकी विशेषता। उपग्रह में भारहीनता की अवस्था क्या है?

गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा क्या है?  "किसी पिंड को अनंत से किसी अन्य पिंड के गुरुत्वीय क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे उस बिंदु पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। "
पलायन वेग क्या है?  "किसी पिंड का वह प्रारंभिक न्यूनतम वेग जिससे किसी वस्तु को पृथ्वी सतह से ऊर्ध्वाधर ऊपर की और फेंकने पर गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के बाहर चली जाती है तथा पृथ्वी सतह पर वापस लोटकर नहीं आती पलायन वेग कहलाता है। "
कक्षिय चाल क्या है?  " किसी कक्षा में उपग्रह द्वारा स्थापित आवश्यक चाल को कक्षिय चाल कहते हैं।" 
उपग्रह की बंधन ऊर्जा क्या है?  " किसी उपग्रह को उसकी कक्षा से अनंत तक ले जाने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को उपग्रह की बंधन ऊर्जा कहते हैं।" 
तुल्यकाली या भूस्थायी उपग्रह क्या है?  "ऐसा उपग्रह जो पृथ्वी के अक्ष के लंबवत तल में पूर्व से पश्चिम की ओर पृथ्वी की परिक्रमा करता है तथा जिसका परिक्रमण काल पृथ्वी के परिक्रमण काल (24 घंटे)  के बराबर होता है तुल्यकाली या भूस्थायी उपग्रह कहते हैं।"
तुल्यकाली या भूस्थायी उपग्रह की विशेषता। (1) …

केप्लर के नियम क्या है? केप्लर का प्रथम, द्वितीय ओर तृतीय नियम क्या है गुरुत्वाकर्षण नियम क्या है? गुरुत्वाकर्षण नियम लिखो।

केप्लर का प्रथम नियम क्या है?  "इस नियम के अनुसार प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों और दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में गति करते हैं तथा सूर्य दीर्घवृत्तीय कक्षा के नाभि पर होता है।"
केप्लर का द्वितीय नियम क्या है?  "इस नियम के अनुसार सूर्य से किसी ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है अर्थात ग्रह का क्षेत्रफल वेग नियत होता है।" 
केप्लर का तृतीय नियम क्या है?  "इस नियम के अनुसार किसी ग्रह का परिभ्रमण काल सूर्य से ग्रह की औसत दूरी के घन के अनुक्रमानुपाती होता है।"  गुरुत्वाकर्षण नियम क्या है?  "किन्हीं दो पिंडों के मध्य लगने वाला आकर्षण बल उनके द्रव्यमानो के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। "
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लंब अक्ष ओर समांतर अक्ष प्रमेय क्या है? कोणीय संवेग क्या है? कोणीय संवेग का मात्रक। घूर्णी गति के नियम लिखिए।

लंब अक्ष प्रमेय क्या है?  "किसी समतल पटल पर अक्ष के लंबवत पिंड का जड़त्व आघूर्ण शेष दो अक्षो के परित: पिंड के जड़त्व आघूर्ण के योग के बराबर होता है यह दोनों अक्ष एक दूसरे को उस बिंदु पर काटते है जिस पर से होकर लम्ब अक्ष गुजरता है। "
समांतर अक्ष प्रमेय क्या है? " किसी अक्ष के परित: किसी पिंड का जड़त्व आघूर्ण पिंड के द्रव्यमान केंद्र से होकर जाने वाली लंबवत अक्ष के परित: जड़त्व आघूर्ण तथा पिंड के द्रव्यमान तथा दोनों अक्षों के बीच की दूरी के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है। "
कोणीय संवेग क्या है?  " किसी कण के रेखीय संवेग का किसी घुर्णन अक्ष के सापेक्ष आघूर्ण को उस अक्ष के परित: कोणीय संवेग कहते हैं।" 

कोणीय संवेग का मात्रक।  कोणीय संवेग का मात्रक किलोग्राम² /  सेकंड ²

घूर्णी गति के नियम। (1) किसी अक्ष के परित: घूर्णी गति करने में समर्थ अथवा घूर्णी गति कर रहे पिंड की घूर्णी अवस्था में तब तक परिवर्तन नहीं हो सकता जब तक उस पर कोई बाह्य बलयुग्म या बल आघूर्ण ना लगाया जाए। 
(2) किसी अक्ष के परित: कोणीय संवेग परिवर्तन की दर लगाए गए बल आघूर्ण के बराबर होती है। 
(…

घूर्णी गति क्या है? बलयुग्म क्या है? बल आघूर्ण क्या है? बलयुग्म आघूर्ण क्या है? जड़त्व आघूर्ण क्या है? विघुर्णन त्रिज्या क्या है? विघुर्णन त्रिज्या का (s.i) मात्रक एवं विमीय सूत्र।

घूर्णी गति क्या है?  "जब किसी दृढ़ पिंड पर बल या बलयुग्म लगाने से वह पिंड किसी अक्ष के परित: घूमने लगता है तो उसकी इस गति को घूर्णी गति कहते हैं। "

बलयुग्म क्या है? "जब किसी दृण पिण्ड पर दो समान परिणाम के बल विपरीत दिशा में इस प्रकार आरोपित किए जाते है कि उनकी क्रिया रेखा एक ही हो तो बल के इस युग्म को बल युग्म कहते हैं। "
बल आघूर्ण क्या है? "किसी बाह्य बल द्वारा पिंड को किसी अक्ष के परित: घुमाने के प्रभाव को उस बल का बल आघूर्ण कहते हैं।" 
                             किसी बिंदु अथवा अक्ष के परित: बल आघूर्ण बल के परिणाम तथा उस बिंदु या अक्ष से बल की क्रिया रेखा की लम्बवत दूरी के गुणनफल के बराबर होता है। 
बलयुग्म आघूर्ण क्या है?  " बलयुग्म के किसी एक बल और उनकी क्रिया रेखाओं के बीच की लंबवत दूरी के गुणनफल को बलयुग्म आघूर्ण  कहते हैं "
जड़त्व आघूर्ण क्या है?  "किसी पिंड का किसी अक्ष के परित: जड़त्व आघूर्ण पिंड के द्रव्यमान तथा घुर्णन अक्ष से भिंड की दूरी के वर्ग के गुणनफल के बराबर होता है।" 
विघुर्णन त्रिज्या क्या है?  "किसी पिंड की अक्ष …

संघट्ट क्या है? इसके प्रकार। प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट क्या है? एकविमीय प्रत्यास्थ और एकविमीय अप्रत्यास्थ संघट्ट क्या है?

संघट्ट क्या है?  "दो वस्तुओं का आपस में टकराना या उनके मध्य अन्योन्य क्रिया का होना संघट्ट कहलाता है।"
संघट्ट के प्रकार।  संघट्ट दो प्रकार के होते हैं - : (1) प्रत्यास्थ संघट्ट।
(2) अप्रत्यास्थ संघट्ट।
प्रत्यास्थ संघट्ट क्या है?  " वह संघट्ट जिसमें निकाय का रेखीय संवेग तथा गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है प्रत्यास्थ संघट कहलाता है।"
अप्रत्यास्थ संघट्ट क्या है?  "यदि किसी संघट्ट में निकाय का रेखीय संवेग संरक्षित  रहता है। परंतु गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं होती है तो इस प्रकार के संघट्ट को अप्रत्यास्थ संघट्ट कहते हैं।" 
एकविमीय प्रत्यास्थ संघट्ट क्या है?  " जब एक ही सरल रेखा में गतिशील दो वस्तुओं के मध्य संघट्ट होता है तो इस संघट्ट को एकविमीय प्रत्यास्थ संघट्ट कहते हैं।" 

एकविमीय अप्रत्यास्थ संघट्ट क्या है?  "जब दो पिंड एक सरल रेखा में गति करते हुए अप्रत्यास्थ संघट्ट करते हैं तो इस प्रकार के संघट्ट को एकविमीय अप्रत्यास्थसंघट्ट कहते हैं।" 
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